जी.डी. कॉलेज की अव्यवस्थाओं पर एनएसयूआई का हल्ला बोल – प्राचार्य को सौंपा 7 सूत्रीय मांगपत्र

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छात्र संघ चुनाव, स्वच्छता व्यवस्था और विभागीय सुधार को लेकर संगठन ने रखी सात सूत्रीय मांगें

बेगूसराय से बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने जी.डी. कॉलेज, बेगूसराय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर कॉलेज के प्राचार्य को एक विस्तृत पत्र सौंपा है।
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कॉलेज परिसर की बदहाल स्थिति, छात्र संघ चुनाव के न होने और स्वच्छता व्यवस्था की अनदेखी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।

दरअसल जी.डी. कॉलेज में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन की ओर से कॉलेज के प्राचार्य को एक विस्तृत 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया है, जिसमें कॉलेज की प्रशासनिक, शैक्षणिक और स्वच्छता व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की गई है।

यह पत्र एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार द्वारा हस्ताक्षरित है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन को बीते कई महीनों से लगातार समस्याओं से अवगत कराया जा रहा है, परंतु अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एनएसयूआई ने पत्र में कहा है कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो छात्र संगठन शांतिपूर्ण आंदोलन और प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।

एनएसयूआई द्वारा रखी गई प्रमुख माँगें सहित छात्र संघ चुनाव की मांग

एनएसयूआई ने कॉलेज प्रशासन से आग्रह किया है कि कॉलेज परिसर में छात्र संघ चुनाव तत्काल कराए जाएँ।
संगठन का कहना है कि छात्रों को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने अधिकारों और समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण

पत्र में कहा गया है कि कॉलेज परिसर में फैले कचरे और अव्यवस्था को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ। स्वच्छ वातावरण में ही शिक्षा का अनुकूल माहौल बन सकता है। एनएसयूआई ने परिसर को पूर्णतः स्वच्छ और सौंदर्यपूर्ण बनाए जाने की मांग की है।

विभागीय स्वच्छता और रखरखाव

संगठन ने सभी विभागों एवं प्रयोगशालाओं की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है।
पत्र में लिखा गया है कि विभागों की सफाई व्यवस्था स्थायी और निगरानीयुक्त होनी चाहिए ताकि प्रयोगशालाओं और कक्षाओं का शैक्षणिक वातावरण बेहतर हो।

खेल और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

एनएसयूआई ने विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और रचनात्मक विकास के लिए अंतर-विभागीय खेल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की है।
संगठन का कहना है कि ऐसे आयोजन छात्रों में ऊर्जा, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।

यूजी 2023–2027 के छात्रों का लंबित मूल्यांकन

पत्र में उल्लेख किया गया है कि कई विद्यार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) किसी कारणवश छूट गया है।
एनएसयूआई ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उनके लिए विशेष तिथि निर्धारित कर पुनः परीक्षा या असाइनमेंट जमा करने की सुविधा दी जाए।

सूचना सहायक केंद्र की स्थापना

संगठन ने कॉलेज में एक सूचना सहायता केंद्र (Information Help Desk) बनाने की मांग की है।
इस केंद्र पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक और प्रशासनिक शिकायतों के समाधान के लिए एक अनुभवी एवं उत्तरदायी कर्मचारी की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है।

पीजी 2024–2026 के परिणाम सुधार

एनएसयूआई ने कहा है कि स्नातकोत्तर (PG) सत्र 2024–26 के परिणामों में कई त्रुटियाँ पाई गई हैं।
पत्र में मांग की गई है कि परिणामों का सत्यापन और सुधार कर सही परिणाम जल्द प्रकाशित किए जाएँ, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।

कॉलेज प्रशासन ने पत्र को 13 नवंबर 2025 को प्राप्त कर लिया है। पत्र पर “Received” की आधिकारिक मुहर लगी हुई है।बइससे यह स्पष्ट होता है कि एनएसयूआई की यह शिकायत और मांगपत्र औपचारिक रूप से कॉलेज प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है।

एनएसयूआई कॉलेज अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार ने कहा – “कॉलेज बने आदर्श, न कि उपेक्षा का केंद्र

एनएसयूआई अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार का बयान

श्याम सुंदर कुमार ने कहा कि “हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि सुधार है। जी.डी. कॉलेज के छात्रों को बेहतर वातावरण, पारदर्शी मूल्यांकन और लोकतांत्रिक भागीदारी का अधिकार मिलना चाहिए। प्रशासन से उम्मीद है कि वह संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कदम उठाएगा।

एनएसयूआई कॉलेज अध्यक्ष श्याम सुन्दर कुमार ने कहा कि कॉलेज प्रशासन से कई बार निवेदन किया गया है कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, किंतु दुर्भाग्यवश अब तक समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, कॉलेज परिसर में स्वच्छता की स्थिति दयनीय है, विभागों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और छात्रों की शैक्षणिक समस्याएँ अनसुलझी पड़ी हैं। हम चाहते हैं कि जी.डी. कॉलेज एक आदर्श शिक्षण संस्थान बने, न कि उपेक्षा का केंद्र।

श्याम सुंदर ने यह भी कहा कि कॉलेज में छात्र संघ चुनाव शीघ्र करवाया जाना आवश्यक है। “छात्र संघ लोकतंत्र की जड़ है – जहाँ छात्रों की आवाज़ प्रशासन तक पहुँचती है। चुनावों में देरी करना छात्रों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने आगे कहा कि कॉलेज परिसर में व्याप्त कचरा, अस्वच्छ शौचालय और विभागीय गंदगी की तत्काल सफ़ाई कर छात्रों को बेहतर माहौल दिया जाना चाहिए।

महिला प्रतिनिधि अदिति कुमारी का बयान

एनएसयूआई की महिला प्रतिनिधि अदिति कुमारी ने कहा कि कॉलेज में छात्राओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण होना अत्यंत आवश्यक है। कई विभागों में स्वच्छता की स्थिति चिंताजनक है। साथ ही, कॉलेज में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का नियमित आयोजन होना चाहिए ताकि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिले।

जिला महासचिव प्रिंस कुमार बोले – “उद्देश्य टकराव नहीं, सुधार है

एनएसयूआई के जिला महासचिव प्रिंस कुमार ने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण का पुनर्गठन है। “हम चाहते हैं कि हर विद्यार्थी गर्व से कह सके कि हम जी.डी. कॉलेज के विद्यार्थी हैं। यही एनएसयूआई का लक्ष्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन चरणबद्ध विरोध और प्रदर्शन कार्यक्रम चलाएगा।

एनएसयूआई ने दी चेतावनी

पत्र के अंत में एनएसयूआई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त बिंदुओं पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन विवश होकर शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन और प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन की स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।

संगठन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस अवसर पर सौरव कुमार, रोहित कुमार, श्वेता कुमारी, अंकित कुमार, पूर्णिमा मंडल, शिवानी कुमारी सहित अनेक छात्र-छात्राएँ मौजूद रहीं, जिन्होंने कॉलेज की समस्याओं पर तत्काल संज्ञान की मांग की।

First Khabar Bihar
Author: First Khabar Bihar

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