बेगूसराय के बीपी स्कूल में अल्पसंख्यक छात्रावास प्रस्ताव पर विवाद, गिरिराज सिंह ने उठाए सवाल

SHARE:

बीपी स्कूल परिसर में प्रस्तावित अल्पसंख्यक छात्रावास पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जताई आपत्ति, कहा—विद्यालय के माहौल और खेल मैदान पर पड़ेगा असर

संजय कुमार की रिपोर्ट 

बेगूसराय के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जिले के बीपी स्कूल परिसर में प्रस्तावित अल्पसंख्यक छात्रावास के निर्माण को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बीपी स्कूल वर्षों से जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जाना जाता रहा है, ऐसे में विद्यालय परिसर की भूमि का उपयोग किसी एक विशेष समुदाय के लिए करना उचित नहीं होगा।
सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि बीपी स्कूल न तो किसी विशेष भाषा आधारित विद्यालय है और न ही यह उर्दू माध्यम का स्कूल है। साथ ही यहाँ अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की संख्या भी इतनी अधिक नहीं है कि परिसर में अलग से अल्पसंख्यक छात्रावास की आवश्यकता महसूस हो। उन्होंने कहा कि विद्यालय की मूल्यवान भूमि को किसी एक समुदाय के लिए समर्पित करना शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय के वातावरण दोनों के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि विद्यालय परिसर में छात्रावास का निर्माण किया जाता है तो इससे छात्रों के लिए उपलब्ध खुला मैदान और खेलकूद की सुविधाएँ प्रभावित होंगी। खेलकूद की व्यवस्था बाधित होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सांसद ने कहा कि बीपी स्कूल लंबे समय से जिले के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र रहा है, जहाँ विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में विद्यालय की मूल संरचना और शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने वाला कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाना जरूरी है।
सांसद कार्यालय की ओर से बताया गया कि इस मामले को लेकर पहले भी बेगूसराय के जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा बीपी स्कूल के प्राचार्य से बातचीत की जा चुकी है। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह भी किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण प्रक्रिया को लेकर कथित रूप से अवैध हस्ताक्षरों के आधार पर आगे बढ़ाने की शिकायत भी सामने आई है, जिसकी जांच होना आवश्यक है।


गिरिराज सिंह ने सुझाव दिया कि यदि अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण करना है तो इसे ऐसे विद्यालय में बनाया जाना चाहिए जहाँ उर्दू माध्यम या अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की संख्या अधिक हो, ताकि इस योजना का वास्तविक लाभ लक्षित छात्रों तक पहुँच सके।
अंत में सांसद ने प्रशासन से अपील की कि विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विद्यार्थियों के हित और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि बीपी स्कूल की शैक्षणिक गरिमा और छात्रों के हित सुरक्षित रह सकें।

First Khabar Bihar
Author: First Khabar Bihar

“हर खबर पर पैनी नजर” स्वतंत्र, निष्पक्ष और जन-सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध एक भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म।”

सबसे ज्यादा पड़ गई