नशे के खिलाफ बेगूसराय में बड़ा एक्शन, 13 केस दर्ज, भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त, समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश

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नशे के खिलाफ बेगूसराय में बड़ा एक्शन: ड्रोन निगरानी, 13 केस दर्ज, भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त

संवाददाता: कन्हैया कुमार की रिपोर्ट

बेगूसराय। जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय NCORD (Narcotics Coordination) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासन, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) पटना के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक के दौरान जिले में नशा उन्मूलन को लेकर अब तक की कार्रवाई की गहन समीक्षा की गई और आगे की रणनीति तय की गई।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, विगत एक माह के दौरान जिले के विभिन्न थानों में मादक पदार्थों से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। छापेमारी के दौरान 70.33 किलोग्राम गांजा, 73.99 ग्राम स्मैक, 84.1 लीटर कफ सिरप, 270 निट्राजेपम टैबलेट और 16 पेंटाजोनिक इंजेक्शन जब्त किए गए। इस दौरान नशा तस्करी में संलिप्त 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

औषधि नियंत्रण के क्षेत्र में भी सख्ती बरती जा रही है। औषधि निरीक्षक द्वारा जिले के 82 दवा प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई, जिसमें 11 दुकानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इन दुकानों के विरुद्ध स्पष्टीकरण मांगने के साथ-साथ निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके।

समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने उत्पाद विभाग, वन विभाग एवं स्थानीय पुलिस को संयुक्त रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी अभियान चलाने को कहा। खासकर कांवर झील और जयमंगलागढ़ जैसे क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी बढ़ाने और अवैध शराब व नशीले पदार्थों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों को भी विशेष रूप से चिन्हित करते हुए वहां “सूखा नशा” के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। हालांकि जिले में फिलहाल अवैध गांजा या अफीम की खेती की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ड्रोन से सतत निगरानी जारी रखने का फैसला किया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के क्रम में यह जानकारी दी गई कि सदर अस्पताल, बेगूसराय में नशा मुक्ति के मरीजों के लिए 4 बेड का अलग वार्ड स्थापित किया गया है। इस पर जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि इस वार्ड की बेहतर व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को समुचित उपचार मिल सके।

बैठक में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया। जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडलों में ड्रग्स की पहचान के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु पुलिस मुख्यालय के माध्यम से NCB से मांग करने का निर्देश दिया। साथ ही पुलिस अधीक्षक को इन उपकरणों के संचालन के लिए एक विशेष सेल गठित करने और संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों का एक व्यापक डाटाबेस तैयार करने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से समन्वय स्थापित करने तथा सभी मामलों की प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि अपराधियों की निगरानी और कार्रवाई और अधिक प्रभावी हो सके।

बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर देते हुए स्पष्ट कहा कि अनुसंधान में तेजी लाकर दोषियों के विरुद्ध जल्द से जल्द आरोप-पत्र दाखिल किया जाए और उन्हें सजा दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। यह जानकारी जिला जनसंपर्क कार्यालय, बेगूसराय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है।

First Khabar Bihar
Author: First Khabar Bihar

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