नशे के खिलाफ बरौनी जंक्शन पर महाअभियान, डीएलएसए, आरपीएफ और जीआरपी ने मिलकर जगाई अलख

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अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल, यात्रियों, युवाओं और स्थानीय लोगों को किया गया जागरूक

ब्यूरो रिपोर्ट 

बिहार, बेगूसराय। नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर बरौनी रेलवे स्टेशन परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), बेगूसराय के तत्वावधान में व्यापक विधिक जागरूकता एवं जनजागरण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रेलवे यात्रियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, रेलकर्मियों, वेंडरों एवं जनप्रतिनिधियों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत तथा सचिव करुणा निधि प्रसाद आर्या के निर्देश पर आयोजित इस अभियान का नेतृत्व पैनल अधिवक्ता सुबोध कुमार झा एवं पत्रकार सह अधिकार मित्र हरेराम दास ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने से जुड़े कानूनी प्रावधानों और नागरिकों की जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया।

पैनल अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने कहा कि नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है जो व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को भीतर से खोखला कर देती है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ी को इस अभिशाप से बचाया जा सकता है।

वहीं पत्रकार सह अधिकार मित्र हरेराम दास ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सपनों को बचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैशाली समाज कल्याण संस्थान के प्रतिनिधि अंशुमान ने कहा कि रेल यात्रा के दौरान विभिन्न शहरों में छोटे-छोटे बच्चों को सॉल्यूशन और अन्य मादक पदार्थों का सेवन करते देखना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रश्न है। इस गंभीर समस्या का समाधान प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, अभिभावकों और आम नागरिकों के समन्वित प्रयास तथा निरंतर जनजागरूकता अभियान से ही संभव है।

श्रमिक यूनियन एवं डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (डीटीएफ) के सदस्य रामानंद सागर ने कहा कि रेलवे स्टेशन और उसके आसपास बड़ी संख्या में बच्चे सूखे नशे की गिरफ्त में देखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसका एक प्रमुख कारण अभिभावकों द्वारा बच्चों की गतिविधियों पर समय रहते निगरानी नहीं रखना है। यदि परिवार बच्चों के व्यवहार और उनकी संगति पर नियमित ध्यान दें तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

वैशाली समाज कल्याण संस्थान के सपोर्ट पर्सन राजमणि रंजन ने कहा कि नशापान, बाल श्रम, बाल विवाह और बाल यौन शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियां स्वस्थ, स्वच्छ और अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधाएं हैं। इन सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सरकार, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर लगातार जागरूकता अभियान चलाना होगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने परिवार, समाज और विशेष रूप से युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी अथवा अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

बरौनी रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित इस जनजागरण अभियान का सफल संचालन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के सहयोग से किया गया।

इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ अनिल कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर लोकेश साहू, जीआरपी थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह, पुलिस उपनिरीक्षक राज कुमार राय, सहायक उपनिरीक्षक विजय कुमार, एसआई राम जगेश्वर प्रसाद, राम शंकर सिंह, रेलवे क्लर्क शत्रुघ्न महतो, श्रम संसाधन विभाग के रवि भूषण कुमार, डीटीएफ सदस्य रामानंद सागर, ग्रीन वैली स्कूल के प्राचार्य राजा कुमार, पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता दीपक कुमार, डीडी न्यूज़ संवाददाता प्रेम कुमार, नव-बिहार ब्यूरो चीफ सुमित कुमार सिंह, अधिवक्ता गुलशन कुमार, राजा कुमार ठाकुर, पेंटाथलॉन स्टेट लेवल ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नीतीश कुमार, समाजसेवी दशरथ राय, राजमणि रंजन, अशोक बाबू, स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेलवे वेंडर, यात्रीगण एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक स्वर में संकल्प दोहराया “नशे को कहें ना, शिक्षा को अपनाएं और समाज को नशामुक्त बनाएं।” वक्ताओं ने कहा कि जनभागीदारी, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

First Khabar Bihar
Author: First Khabar Bihar

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