ग्रामीणों ने क्यों किया मतदान बहिष्कार का ऐलान ! जानिए क्या है पूरा मामला

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विद्यालय नहीं तो वोट नहीं: ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार का ऐला

संजय कुमार की रिपोर्ट

बेगूसराय। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही ग्रामीण इलाकों में नाराज़गी की आवाज़ उठने लगी है। जहां जिले के एक ग्रामीण इलाके में इन दिनों शिक्षा को लेकर लोगों में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने अपने गांव में विद्यालय नहीं बनने से आक्रोशित होकर मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसी सिलसिले में गांव के रास्तों पर बैनर लगाकर लोगों ने अपनी मांग सार्वजनिक की है। ये पूरा मामला रचियाही गांव की है

बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है “मतदान बहिष्कार – विद्यालय नहीं, तो वोट नहीं। झूठा आश्वासन नहीं चलेगा, हमारा विद्यालय बनवाना पड़ेगा।”
साथ ही नीचे लिखा है “हम हैं रचियाही धोबी टोल की जनता।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से गांव में प्राथमिक विद्यालय की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक न तो सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है और न ही जनप्रतिनिधियों ने वादा पूरा किया है। बच्चों को दूर-दराज के गांवों में पढ़ने जाना पड़ता है, जिससे खासकर छोटी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक गांव में स्कूल की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे आगामी चुनावों में वोट नहीं डालेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा के बिना गांव का विकास संभव नहीं है, और अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

बैनर पर लगाए गए इस संदेश ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। आस-पास के गांवों के लोग भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और शिक्षा को लेकर गंभीर रवैया अपनाने की मांग कर रहे हैं। हर चुनाव में वादा किया जाता है कि स्कूल बनेगा, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। हमारे बच्चे बारिश और धूप में दूसरे गांव पढ़ने जाते हैं। अब अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी, तो हम भी वोट नहीं डालेंगे। इस बैनर ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि जिलेभर में चर्चा पैदा कर दी है। कई सामाजिक संगठनों ने भी ग्रामीणों की इस पहल का समर्थन किया है और कहा है कि लोकतंत्र में जब बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं होतीं, तो जनता का विरोध स्वाभाविक है।

वहीं इस संबंध में रचियाही गांव के स्थानीय निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2007 से नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रचियाही में बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से चल रही थी। जून 2024 तक विद्यालय सुचारू रूप से संचालित होता रहा, लेकिन उसके बाद विद्यालय को उत्क्रमित मध्य विद्यालय रचियाही में शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एक ही कमरे में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है। अभिभावक और ग्रामीण लगातार विभागीय अधिकारियों से विद्यालय भवन के निर्माण की मांग कर रहे हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है, फिर भी संबंधित विभागों द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से जल्द विद्यालय भवन के निर्माण की मांग की है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

First Khabar Bihar
Author: First Khabar Bihar

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