एलपीजी कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, जांच अभियान के दौरान FIR दर्ज
संवाददाता: संजय कुमार की रिपोर्ट
बेगूसराय: पश्चिम एशिया के देशों में जारी युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों एवं एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की फैल रही अफवाहों के बीच बेगूसराय जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अफवाहों के कारण संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले में व्यापक जांच अभियान चलाया गया।
जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बेगूसराय के संयुक्त आदेश के आलोक में जिले की सभी गैस एजेंसियों की सघन जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। कुल 68 गैस एजेंसियों की जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया, जिसमें प्रत्येक टीम में एक वरीय दंडाधिकारी या पदाधिकारी के साथ एक पुलिस पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया। इन टीमों द्वारा 16 मार्च 2026 को जिले के विभिन्न गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया।
इस अभियान में अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी (सदर, तेघड़ा, बलिया, बखरी और मंझौल), विभिन्न प्रखंड विकास पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सहित कई प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि गैस एजेंसियों के शोरूम में मूल्य सूची, कार्य के घंटे और स्टॉक की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। साथ ही डिलीवरी कर्मियों के पास वजन करने वाला वेईंग स्केल, उपभोक्ताओं के सामने सिलेंडर का वजन और लीकेज की जांच, प्रतिष्ठान में फर्स्ट एड बॉक्स, शिकायत पुस्तिका और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हों तथा डिलीवरी कर्मी वर्दी और परिचय पत्र के साथ कार्य कर रहे हों।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत कर फीडबैक भी लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनसे निर्धारित दर से अधिक राशि नहीं ली जा रही है और यदि होम डिलीवरी उपलब्ध नहीं है तो उन्हें निर्धारित रिबेट दिया जा रहा है या नहीं।
इसी क्रम में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बेगूसराय के नेतृत्व में नगर थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के पीछे स्थित एक संदिग्ध ठिकाने पर औचक छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान श्रवण कुमार के आवास से अवैध रूप से रखे गए 11 गैस सिलेंडर बरामद किए गए। प्रशासन को सूचना मिली थी कि उक्त स्थान पर गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया गया है।

तलाशी के दौरान घर के परिसर से सिलेंडरों की बड़ी खेप बरामद होने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया। इस मामले में आरोपी श्रवण कुमार के विरुद्ध स्थानीय थाने में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी एक आवश्यक वस्तु है और इसका दुरुपयोग जन-जीवन और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में अवैध रिफिलिंग, निर्धारित दर से अधिक वसूली, कम वजन में गैस देना, बिना अनुमति सिलेंडर या रेगुलेटर बेचना तथा घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग जैसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा-7 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकता अनुसार दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का भी निर्देश दिया है, ताकि आम लोगों को गैस सिलेंडर के लिए गोदाम पर अनावश्यक रूप से कतार में खड़ा न होना पड़े और बुकिंग के अनुसार सिलेंडर उनके पते पर ही उपलब्ध कराया जा सके।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि गैस की कालाबाजारी या किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तुरंत जिला कंट्रोल रूम नंबर 06243-450626 पर सूचना दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

Author: First Khabar Bihar
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