नगर निगम का बड़ा फैसला, 5.25 अरब से बदलेगी बेगूसराय की सूरत
ध्वनि मत से बजट पारित, संपत्ति कर व अनुदान से आय बढ़ाने की योजना, शहरी गरीबों के लिए 25% राशि आरक्षित
ब्यूरो रिपोर्ट
बेगूसराय नगर निगम सभागार में सोमवार को महापौर पिंकी देवी की अध्यक्षता में सामान्य बोर्ड की विशेष बैठक आयोजित हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5 अरब 25 करोड़ 36 लाख 32 हजार रुपये के अनुमानित बजट को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
नगर निगम के पास फिलहाल 2 अरब 75 करोड़ 93 लाख 50 हजार 68 रुपये की प्रारंभिक शेष राशि उपलब्ध है। आगामी वित्तीय वर्ष में विभिन्न स्रोतों से 2 अरब 50 करोड़ 54 लाख 17 हजार 331 रुपये की आय का अनुमान लगाया गया है। बजट स्वीकृति के बाद निगम के पास 1 करोड़ 11 लाख 35 हजार 399 रुपये का अंतिम अनुमानित शेष रहेगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर पिंकी देवी ने कहा कि यह बजट शहर के समग्र विकास, आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में पारदर्शिता, राजकोषीय अनुशासन और सतत विकास की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर ने बताया कि बजट में आधारभूत संरचना के विकास, सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार, सामुदायिक विकास कार्यक्रमों और आपातकालीन तैयारियों के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है।

आय के प्रमुख स्रोत
नगर निगम ने आय के लिए कई स्रोतों पर भरोसा जताया है। संपत्ति कर से 20 करोड़ रुपये, स्टांप शुल्क व निबंधन से 30 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसके अलावा ट्रेड लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कचरा संग्रहण, भवन अनुज्ञा, अतिक्रमण शुल्क आदि से 5.69 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। फॉर्म बिक्री व उपकरण भाड़ा से 25.39 लाख रुपये, मोबाइल टावर व दूरसंचार से 5 लाख रुपये तथा केंद्र व राज्य सरकार से 1.18 अरब रुपये अनुदान के रूप में मिलने का अनुमान है।
नगर निगम ने नए और अनिर्धारित मकानों को संपत्ति कर के दायरे में लाकर राजस्व बढ़ाने की रणनीति भी बनाई है।
खर्च का खाका
बजट में स्थापना व्यय के तहत कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भत्ते आदि पर खर्च का प्रावधान किया गया है। प्रशासनिक कार्यों के लिए 7.37 करोड़ रुपये, जबकि परिचालन व रखरखाव कार्यों के लिए 90 करोड़ 65 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
स्वच्छता और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए 71 करोड़ 95 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें कचरा प्रबंधन, संक्रामक रोगों की रोकथाम, बाढ़-सुखाड़ से निपटने और त्योहारों के दौरान विशेष सफाई अभियान शामिल हैं। वहीं पूंजीगत व्यय के लिए 1.39 अरब रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे शहर में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
गरीबों के लिए विशेष व्यवस्था
बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 82 के तहत कुल बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा शहरी गरीबों की बुनियादी सेवाओं पर खर्च किया जाएगा।
बैठक में उप नगर आयुक्त ओसामा इब्न मंसूर, नगर प्रबंधक राजीव रंजन सिंह, अभय कुमार निराला, सशक्त स्थायी समिति सदस्य विपिन पासवान, गौरव कुमार, विनय मिश्रा, नीलम देवी सहित कई पार्षद उपस्थित रहे। वहीं उपमहापौर अनीता देवी समेत कई पार्षद बैठक से अनुपस्थित रहे।

Author: First Khabar Bihar
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